रविवार, 20 दिसंबर 2009

कुछ हाईकू .......मराठी में.

१ -
मागू का ?
छन आनंदाचे
वंचित भाग्याचे
जे राहून गेले आयुष्यात
आज पर्यंत
मागू का ?

२-
प्रीति ?
स्मृति दंशांची रीत
खरच का ?
कधी जगलात  ?

३-

आहे  का मी भाग्य तुझा ?
असो कि नसो.......
स्वप्न तरी ?

४-

स्मृति ...
       तृप्ति ......
            विरक्ति ही .......

छन सरलेले
सर्व मिलवले
होतं जे पूर्ण अटल

५-
जगणं जीवन ?
छण छण छाणिका......
खरंच कठिन का ?       



7 टिप्‍पणियां:

  1. जगणं जीवन ?
    छण छण छाणिका......
    खरंच कठिन का ? bahut hi sundar ,aapko kya kahoon is kabil main nahi ,umda

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  2. कुछ पल्ले नहीं पड़ा राज़ जी .....!!

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  3. ठीक है . हिन्दी अनुवाद जल्दी संलग्न कर रहा हूँ .

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  4. aapse anurodh hai main ek lekh likhi hoon apne vicharo se uski shobha badhaye .shukriyaan .

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  5. आप मराठी,हिन्दी और इंग्लिश में एक साथ ही लिख दिया करें.

    जिस्को जिस में तिप्पणी करनी होगी कर पायेगा.

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  6. मागू का ?
    छन आनंदाचे
    वंचित भाग्याचे
    जे राहून गेले आयुष्यात
    आज पर्यंत
    मागू का ?

    ....बेहतरीन!

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  7. aapko holi ke pavan parv par dhero shubhkaamnaaye ,happy holi ,saare blog ghum kar ant me yahi aa gayi badhai jo deni rahi .

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आपकी राय हमारी प्रेरणा..आपका मार्गदर्शन हमारा धन .